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शनिवार, 11 फ़रवरी 2017

क्यों शिव को असत्य बोलने वाले पसंद नहीं


झूठ बोलने वाले लोग शिव को प्रिय नहीं हैं। इसी कारण भोलेनाथ ने माता सती का त्याग कर दिया था। क्योंकि उन्होंने भगवान राम से सीता रूप में मिलने के बाद भोलेनाथ से झूठ बोला

शिव महापुराण के अनुसार जब माता सती और शिव अगस्त मुनि से कथा सुनकर कर लौट रहे थे। उसी दौरान भोलेनाथ ने देखा कि उनके आराध्यदेव भगवान राम माता सीता के वियोग में भटक रहे हैं। उन्हें देखने के बाद शिव ने उन्हें प्रणाम किया, मगर माता सती के मन में राम की परीक्षा लेने का विचार आया।

भोलेनाथ से आग्रह कर वे प्रभु राम की परीक्षा लेने पहुंचीं। लेकिन सती को देखते ही भगवान राम ने सती को माता का संबोधन देते हुए कहा कि आप यहां, भोलेनाथ कहां हैं?

वहीं भगवान द्वारा पहचाने जाने और माता शब्द के संबोधन को छिपाते हुए सती ने शिव से झूठ का सहारा लिया। सती ने कहा कि भगवान राम ने नहीं पहचाना। तत्पश्चात ध्यान करने पर जब शिव को पता चला कि राम ने उन्हें माता से संबोधित किया है तो उन्होंने सती का त्याग कर दिया।

सती के त्याग का एक कारण यह भी रहा कि राम ने सती को माता कहा था, इसलिए उन्होंने अपने आराध्य देव की माता को पत्नी रूप से त्याग कर दिया।

सोमवार, 6 फ़रवरी 2017

शिवोहम् =में(आत्मा)ही शिव हु।

शिवोहम् =में(आत्मा)ही शिव हु।
नित्योहम= में(आत्मा)नित्य हूँ।मे कल भी था,आज भी हु और कल भी रहूँगा!
शुद्धोहम= में ही विकार रहित परम पवित्र हूँ।
बुद्धोहम= में ही बुद्ध स्वरुप अखण्ड,अटल,निश्छल हूँ।
मुक्तोहम्=में सभी बंधनो से परे , सदैव ही मुक्त हूँ।

शिवोहम् शिवोहम् शिवा स्वरूपम्।
नित्योहम् शुद्धोहम् बुद्धोहम् मुक्तोहम्।

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय......|

शिव का अर्थ है कल्याण...
शिव अजन्मा है, शिव अनंत है...
शिव ही गुरु है, शिव ही ज्ञान है..
शिव संगीत है, शिव नृत्य है...
शिव मे है कृष्ण और कृष्ण मे शिव है...
शिव ही से है योग और योग तो शिव है..
शिव भजे श्री राम को और राम में तो शिव ही शिव है...
शिव है आप के भीतर और मेरी तो सांसो में शिव है...

नमः शिवाय...

कलियुग केवल नाम अधारा ,
सुमिर सुमिर नर उतरहि पारा।
सुमिर सुमिर नर पावहि पारा।
हर सांस में हो सुमिरन तेरा ,

यूं बीत जाए जीवन मेरा।
हे नाथ ! हे मेरे नाथ ! मैं आपको भूलूँ नहीं !!
हे नाथ ! हे मेरे नाथ ! मैं आपको भूलूँ नहीं !!


जब चिंता कोई सताये --सिमरन करो !!
जब व्याकुल मन घबराये --सिमरन करो !!
कोई राह नजर न आये --सिमरन करो !!
अगर बात समझ में न आये --सिमरन करो !!